दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में यूपी में एटीएस और पुलिस की सतर्कता
ATS And Police On High Alert In UP
ATS And Police On High Alert In UP : उत्तर प्रदेश में दिल्ली कार ब्लास्ट के संदर्भ में एटीएस और पुलिस की टीमें लगातार आतंकियों के स्लीपर सेल की तलाश में लगी हुई हैं। अमरोहा, लखनऊ और वाराणसी में इस अभियान के तहत विभिन्न जांच और गिरफ्तारी की गतिविधियां सामने आई हैं।
अमरोहा में एटीएस का व्यापक जांच अभियान
अमरोहा जिले में एटीएस ने स्थानीय खुफिया एजेंसियों के सहयोग से कई शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों में छानबीन की। टीम ने विशेष रूप से कश्मीरी और पश्चिम बंगाल मूल के लोगों से जानकारी जुटाई।
शिक्षण संस्थानों में पूछताछ
जिन छात्रों और छात्राओं से संपर्क किया गया, उनकी जानकारी मुख्य रूप से नाम, पता और परिवार तक सीमित रही। कोई गहन पूछताछ नहीं की गई। जिले में कई शिक्षण संस्थान ऐसे हैं, जहां अन्य राज्यों से मेडिकल, नर्सिंग और विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए छात्र आते हैं।
औद्योगिक इकाइयों में निगरानी
डिडौली हाईवे और गजरौला की फैक्ट्रियों में भी दूसरे राज्यों के लोग नौकरी कर रहे हैं। एटीएस ने यह पता लगाया कि कौन लोग कब से जिले में रह रहे हैं और वे किस कोर्स में शामिल हैं। इसके बाद टीम ने जिले से वापस लौटकर रिपोर्ट तैयार की।
लखनऊ से बांग्लादेशी महिला और युवक की गिरफ्तारी
एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज में एक बांग्लादेशी महिला और उसके फर्जी दस्तावेज बनाने वाले युवक को गिरफ्तार किया। महिला लंबे समय से फर्जी दस्तावेज के जरिए भारत में रह रही थी।
फर्जी दस्तावेज और जांच
महिला के पास मिले आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए। महिला ने यह जानकारी दी कि स्थानीय युवक ने उसके दस्तावेज बनाए थे। एटीएस ने युवक को भी गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
एटीएस का दावा है कि आगे कई और बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
वाराणसी में अफगानी नागरिक की गिरफ्तारी
वाराणसी में मिर्जामुराद पुलिस ने संदेह के आधार पर एक बाइक सवार अफगानी नागरिक पीर बादशाह को पकड़ा। उसके पास यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजीस का रिफ्यूजी कार्ड था।
दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया
पीर बादशाह के पास न पासपोर्ट था और न ही वीजा। उसका रिफ्यूजी कार्ड 2027 तक वैध बताया गया है। पुलिस और आईबी टीम कार्ड की पुष्टि में जुटी हुई हैं। उसके पास एक बैग, मोबाइल और 300 रुपये भी मिले।